रिपोर्टर नवल तिवारी
बांदा।
उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। बबेरू तहसील अंतर्गत थाना मरका क्षेत्र के ग्राम औदहा में दबंगों ने खुलेआम कानून को ठेंगा दिखाते हुए किसान की जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश की। बिना किसी अदालती आदेश, नाप-जोख या प्रशासनिक अनुमति के जेसीबी मशीन से खेत में लगे पिलर उखाड़ दिए गए। विरोध करने पर किसान और उसके परिवार को जान से मारने की खुली धमकी दी गई।
पीड़ित किसान शिवपूजन पुत्र स्वर्गीय शीतल प्रसाद ने संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में बताया कि गाटा संख्या 587, रकबा 0.6570 हेक्टेयर भूमि उनकी एवं उनके भाइयों की संक्रामणीय खातेदारी भूमि है। इसके बावजूद दबंगों ने ताकत और मशीन के बल पर भूमि हड़पने का प्रयास किया।
पीड़ित के अनुसार 01 जनवरी 2026 की रात दबंगों ने जेसीबी मशीन बुलाकर खेत की सीमा पर लगे पिलर उखाड़ दिए। यह कृत्य न सिर्फ पूरी तरह अवैध था, बल्कि यह दर्शाता है कि दबंगों के सामने कानून कितना बेबस नजर आ रहा है। जब किसान ने अपनी जमीन बचाने का प्रयास किया, तो उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी गई।
घटना की सूचना तत्काल थाना मरका पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण तो किया, लेकिन घटना को अंजाम देने वाले दबंग मौके से फरार हो गए। बड़ा सवाल यह है कि जेसीबी जैसी भारी मशीन का इस्तेमाल आखिर किसकी जानकारी और संरक्षण में हुआ? क्या यह सब पुलिस और प्रशासन की नजरों से छिपा रह सकता है?
पीड़ित किसान का कहना है कि वह और उसका परिवार आज भी डर के साए में जीवन यापन कर रहा है और किसी बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो दबंगों के हौसले और बुलंद होंगे और आम किसान का कानून से भरोसा उठ जाएगा।
अब देखना यह है कि प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहता है या फिर दोषियों पर कठोर कार्रवाई कर पीड़ित किसान को न्याय दिलाता है।












