रिपोर्टर नवल तिवारी
बांदा। जिले की सड़कों पर बेकाबू ट्रकों का कहर लगातार लोगों की जान ले रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी गहरी नींद में है। मंगलवार की रात अलग-अलग स्थानों पर हुए दो भीषण सड़क हादसों में ट्रकों ने दो युवकों को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया, जबकि एक भाई-बहन गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
अंडरब्रिज बना मौत का जाल, मौके पर ही गई जान
पहली घटना मटौंध थाना क्षेत्र के दुरेड़ी अंडरब्रिज की है, जहां पन्ना जनपद के चांदी पाटी गांव निवासी 35 वर्षीय राममिलन पुत्र गया प्रसाद मंगलवार रात अपनी बाइक से रिश्तेदारी में काशीपुर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह दुरेड़ी अंडरब्रिज के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार और लापरवाही से दौड़ रहे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि राममिलन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया, जिससे साफ है कि उसे कानून का कोई भय नहीं है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान मृतक के मोबाइल से परिजनों को सूचना दी। खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम छा गया।
दर्शन कर लौट रहे युवकों पर टूटा कहर
दूसरी घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के बाधापुरवा के पास की है। यहां शंकर नगर निवासी 26 वर्षीय अखिलेश अपने साथी पुष्पेंद्र और उसकी 18 वर्षीय बहन प्रिया के साथ खत्री पहाड़ दर्शन करने गए थे। मंगलवार रात जब तीनों बाइक से वापस लौट रहे थे, तभी मौरंग से लदे ट्रक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद अखिलेश ट्रक के नीचे आ गया और बुरी तरह कुचल गया। गंभीर हालत में तीनों को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने अखिलेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं पुष्पेंद्र और प्रिया की हालत नाजुक होने पर उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया है।
प्रशासन पर उठे सवाल, कब रुकेगा मौत का तांडव?
लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद न तो ओवरलोडिंग पर लगाम लग रही है और न ही तेज रफ्तार ट्रकों पर कोई प्रभावी कार्रवाई हो रही है। जिले में ट्रक चालकों की मनमानी आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।
सहायक पुलिस अधीक्षक ने दावा किया है कि फरार ट्रक चालकों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
दोनों मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही रात में दो परिवारों की खुशियां उजड़ गईं, जबकि घायल भाई-बहन की हालत ने पूरे क्षेत्र को चिंता में डाल दिया है।











