रिपोर्टर कृष्णा शर्मा
बलिया उत्तर प्रदेश
रसड़ा (बलिया) चैत्र मास के प्रथम दिवस गुरूवार को चैत्र नवरात्र में मां देवी के मंदिरों में मां से आस्था रखने वालो आस्थावानों की भीड़ उमड़ पड़ी प्रथम दिवस माता के शैलपुत्री के स्वरूप की पूजा कर अपने परिवार की सुख शांति के के लिए लोगो ने मां से मन्नतें मांगी।नगर सहित ग्रामीण अंचलो मे मां के मंदिरो मां के जयकारे गूंजते रहे। साल भर में दो बार नव रात्रि का पर्व आता जिसमे माता रानी से भक्तों की अस्ताचल वाले मन्नते पूरी होने जिस भक्त का कार्य पूर्ण होने पर कन्या भोज व धार्मिक कार्यक्रम हुए। भक्तों ने मां को मेवा फल नारियल का प्रसाद चढ़ा कर भोग लगाया। घरों में नवरात्रि में कलश की स्थापना कर मां की पूजा अर्चना की जाती है नवे दिन मा की विदायी में अच्छी पकवान खीर पुड़ी चढ़ा कर विदायी की जाती है कहीं कहीं कन्या भोज भी भक्तो ने कराया।चैत्र नवरात्र में प्रथम दिन भक्तों ने मां के दर्शन करने के लिए मंदिरो में जाते है जिससे भीड़ लगी जाती है। कई जगहो पर बने हलवे का भोग लगाया। गया मां शैलपुत्री माता के स्वरूप की अस्ता में पूजा अर्चना कर मां से आशीश लिया। प्रथम दिन मांं के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की कतारें लगी रहीं। कही कहींआस्थावानों ने लेट कर परिक्रमा की। महिलाएं देवी गीतों मंगल गीतों के साथ मंदिर पर जा कर दर्शन किए। गांवों के नगर के आस्थावानों व नगर शहर के दुर्गा देवी व काली देवी मंदिर के दर्शन कर धन्य हुए सिंहवाहिनी मंदिर, शीव मंदिर, के पास अस्थापित दुर्गा देवी, शीतला देवी समेत लगभग सभी देवी मंदिरों में सुबह से भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। भक्तों ने मंदिर पहुंचकर मां की स्तुति कर विधिवत पूजन अर्चन किया। मंदिरों में भक्तों ने कन्या भोज कार्यक्रम का आयोजन भी किया। शंख घडियाल के ध्वनि के साथ सायं के समय देवी मंदिरों में संगीतमयी आरती हुई। घरों में भक्तों ने भी विधि विधान से पूजा अर्चना अपने जीवन में हमेशा खुशहाली की कामना की।











