रिपोर्टर नवल तिवारी
बांदा। जनपद की जिलाधिकारी जे. रिभा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आकांक्षी विकास खंडों में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आकांक्षी विकास खंडों में पोषण, स्वास्थ्य एवं मातृ-शिशु कल्याण से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित हों तथा पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत पोषाहार वितरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से कमासिन विकास खंड की समीक्षा करते हुए संस्थागत प्रसव की संख्या में वृद्धि लाने के निर्देश दिए। इस संबंध में आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया। साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने वाली आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती (एचआरपी) महिलाओं की पहचान कर उनकी नियमित निगरानी की जाए। जिन गर्भवती महिलाओं का वजन 45 किलोग्राम से कम है, उनकी समयबद्ध एएनसी जांच कराई जाए तथा आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इसके अतिरिक्त कम वजन एवं कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन पर जोर देते हुए उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराकर समुचित उपचार एवं पोषण उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।











