रिपोर्टर नवल तिवारी
बांदा यूपी
बांदा। जनपद के प्राथमिक विद्यालय मुड़वारा में तैनात हेड इंचार्ज शिवविलास पटेल का मामला अब गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। यह केवल एक शिक्षक की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा विभाग की निष्क्रियता और ढीले रवैये का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। हेड मास्टर पर लगातार विद्यालय से गायब रहने, कर्तव्यों की अनदेखी करने और जिम्मेदारी से बचने के आरोप लग रहे हैं, जिससे विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है।
सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब ग्राम प्रधान रामनाथ निषाद ने हेड मास्टर से फोन पर बातचीत की। आरोप है कि हेड मास्टर ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि धमकी भरे लहजे में बात करते हुए अपनी दबंगई का भी प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान का दावा है कि इस पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है, जो सच्चाई को उजागर करने के लिए पर्याप्त सबूत है। यदि यह रिकॉर्डिंग सार्वजनिक होती है, तो शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर और भी गंभीर सवाल खड़े होना तय है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस शिक्षक के ऊपर बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी होती है, वही यदि स्कूल से नदारद रहे और शिकायत करने पर अभद्र भाषा व धमकी दे, तो यह केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के पतन का संकेत है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, अभिभावकों का भरोसा टूट रहा है और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
ग्राम प्रधान द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी फोन के माध्यम से पूरे मामले से अवगत कराया गया है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। क्या विभाग किसी बड़े विवाद का इंतजार कर रहा है या फिर ऐसे मामलों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है?
यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग के पास ऐसे लापरवाह और अनुशासनहीन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है, या फिर नियम-कानून केवल कागजों तक ही सीमित हैं। अगर शिकायत, सबूत और रिकॉर्डिंग होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो यह साफ संकेत है कि सिस्टम में जवाबदेही नाम की कोई चीज नहीं बची है।
ग्रामीणों में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही हेड मास्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस मामले को उच्च अधिकारियों तक ले जाएंगे और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर जनआंदोलन छेड़ेंगे। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह मामला अब सिर्फ एक विद्यालय का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा विभाग की साख और जिम्मेदारी का है। यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भारी पड़ सकती है।











