रिपोर्टर नवल तिवारी
बांदा।
जनपद के नरैनी कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया, जहां खेत में काम के दौरान थ्रेसर की चपेट में आने से एक किशोर की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नरैनी कोतवाली क्षेत्र के दिवली गांव निवासी 13 वर्षीय ध्रुव पुत्र रामसेवक करीब एक माह पहले अपने मामा गोरेलाल के घर तिंदवारी थाना क्षेत्र के दिवली गांव आया हुआ था। बताया जाता है कि ध्रुव के माता-पिता रोजी-रोटी के सिलसिले में गुजरात के सूरत शहर में रहते हैं, इसलिए वह अपने ननिहाल में रह रहा था।
बुधवार की दोपहर ध्रुव खेत में गेहूं की बाली बीन रहा था। उसी दौरान पास में थ्रेसर मशीन से गेहूं की मड़ाई का काम चल रहा था। बताया गया कि ध्रुव के गले में अगौछा पड़ा हुआ था और वह थ्रेसर के पास ही गेहूं की बालियां बीन रहा था। इसी बीच अचानक उसका अगौछा थ्रेसर की पुली में फंस गया और देखते ही देखते उसके गले में फंदा कस गया।
मौके पर मौजूद मामा गोरेलाल की नजर जब ध्रुव पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत थ्रेसर बंद किया और किसी तरह उसे बाहर निकाला। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मासूम की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों की भी मौके पर भीड़ लग गई। बताया जाता है कि ध्रुव अपने माता-पिता से दूर ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहा था और अक्सर खेतों में भी मदद कर दिया करता था।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर खेतों में चलने वाली मशीनों के पास सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि थ्रेसर और अन्य कृषि यंत्रों के पास ढीले कपड़े या गमछा पहनकर काम करना बेहद खतरनाक हो सकता












